पर्व और त्योहार

पापमोचनी एकादशी का व्रत करने से दूर होंगे पाप

Monday, March 27, 2017 16:15 PM

आमतौर भारतीय जनमानस माह में आने वाली दोनों एकादशियों के दिन उपवास रखते हैं। धार्मिक आस्थाओं में एकादशी के उपवास का बहुत महत्त्व है। वैसे तो वर्ष भर आने वाली सभी एकादशी पुण्यदायी मानी जाती हैं लेकिन चैत्र माह कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को पापक्षय या पापमोचनी एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी सभी पापों से मुक्त करने वाली है। यह एकादशी मोक्ष के मार्ग खोलती है। एकादशी के उपवास का पालन दशमी से करना चाहिए। दशमी तिथि पर खाने में चावल, मसूर, मंूग, चने की दाल, जौ और गेहूं को नहीं खाना चाहिए। चुप रहना मनुष्य के लिए बहुत मुश्किलों भरा काम है, यदि संभव हो सके तो दशमी और एकादशी दोनों ही दिनों में मौन व्रत का पालन करना चाहिए।

धार्मिक ग्रंथों और धर्मगुरुओं द्वारा बताया जाता है कि पापक्षय एकादशी का व्रत करने से मातृपक्ष और पितृपक्ष के 10-10 पितरों को विष्णु लोक में स्थान प्राप्त होता है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करें। जाने-अनजाने जो भी पाप हुए हैं उससे मुक्ति पाने के लिए प्रार्थना करें। इससे आपका जीवन पापमुक्त होगा और आपके जीवन में खुशहाली का आगमन होगा।