पर्व और त्योहार

4 महीने पाताल में रहेंगे भगवान विष्णु

Monday, July 03, 2017 11:45 AM

4 जुलाई 2017 को देवशयनी एकादशी है। हिन्दी पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इस तिथि का काफी अधिक महत्व माना गया है, क्योंकि इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने तक पाताल में शयन करते हैं। ये चार महीने चातुर्मास कहलाते हैं। चातुर्मास में सभी प्रकार के मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। मान्यता है कि पुराने समय में दैत्य राजा बलि ने श्रीहरि वर मांगते हुए कहा था कि भगवान आप मेरे महल में निवास करें। तब भगवान विष्णु ने बलि की भक्ति को देखते हुए चार मास तक उसके महल में रहने का वरदान दिया था। तभी से भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी से देवप्रबोधिनी एकादशी तक पाताल में बलि के महल में निवास करते हैं।

धर्म शास्त्रों के अनुसार, भगवान विष्णु ने वामन अवतार में दैत्यराज बलि से तीन पग भूमि दान के रूप में मांगी थी। भगवान ने पहले पग में संपूर्ण पृथ्वी, आकाश और सभी दिशाओं को ढक लिया। अगले पग में सम्पूर्ण स्वर्ग लोक ले लिया। तीसरे पग में बलि ने अपने आप को समर्पित करते हुए सिर पर पग रखने को कहा। इस प्रकार के दान से प्रसन्न होकर भगवान ने बलि को पाताल लोक का राजा बना दिया और कहा वर मांगो।

बलि ने वर मांगते हुए कहा कि भगवान आप मेरे महल में निवास करें। तब भगवान ने बलि की भक्ति को देखते हुए चार मास तक उसके महल में रहने का वरदान दिया। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी से देवप्रबोधिनी एकादशी तक पाताल में बलि के महल में निवास करते हैं।