पूजा और पाठ

हनुमानजी की पूजा करने से कुंडली के दोष दूर हो सकते हैं

Monday, May 28, 2018 12:45 PM

 हनुमानजी की पूजा करने से कुंडली के दोष दूर हो सकते हैं। साथ ही, जीवन की सभी परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है। यहां जानिए हनुमानजी के पूजन की सामान्य विधि। इस विधि से आप घर पर ही हनुमानजी की पूजा कर सकते हैं।

 
पूजा में हनुमानजी की मूर्ति के स्नान के लिए तांबे का बर्तन, तांबे का लोटा, जल का कलश, दूध, देव मूर्ति को अर्पित किए जाने वाले वस्त्र और आभूषण, सिंदूर, दीपक, तेल, रुई, धूपबत्ती, फूल, चावल, प्रसाद के लिए फल, मिठाई, नारियल, पंचामृत, सूखे मेवे, शक्कर, पान, दक्षिणा आदि चीजें अवश्य रखें।
 
सर्वप्रथम श्री गणेश का पूजन करें। गणेशजी को स्नान कराएं। वस्त्र अर्पित करें। गंध, फूल, धूप, दीप, चावल से पूजन करें। गणेशजी की पूजा के बाद हनुमानजी का पूजन करें। प्रतिमा को स्नान कराएं। स्नान पहले जल से और फिर पंचामृत से कराएं। इसके बाद एक बार फिर जल से स्नान कराएं।
 
वस्त्र अर्पित करें। वस्त्रों के बाद आभूषण पहनाएं। पुष्पमाला पहनाएं।ऊँ ऐं हनुमते रामदूताय नमः मंत्र का जाप करते हुए हनुमानजी को सिंदूर का तिलक लगाएं।अब धूप व दीप अर्पित करें। फूल अर्पित करें। अब प्रसाद अर्पित करें। फल, मिठाई, पान का बीड़ा चढ़ाएं सहित सभी पूजन सामग्री अर्पित करें। श्रद्धानुसार घी या तेल का दीपक लगाएं। आरती करें। आरती के बाद परिक्रमा करें।
 
पूर्णिमा तिथि 30 मार्च को शाम 07:35 से 31 मार्च को शाम 6 बजे तक है। उदया तिथि होने के कारण 31 मार्च को ही यह पर्व मनाया जाएगा। इसलिए शाम 6 बजे तक पूजा करना शुभ रहेगा। सुबह 9 बजे से 11 बजे तक राहुकाल रहेगा। 31 मार्च की रात्रि को हनुमान जी की पूजा करने से विशेष फल मिलेगा।