घर-परिवार

सोलह संस्कार - क्या आप जानते हैं अपने 16 संस्कारों को

Sunday, March 26, 2017 21:05 PM

मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक सोलह अथवा सत्रह पवित्र संस्कार सम्पन्न किये जाते हैं

1.    गर्भाधान
2.    पुंसवन (गर्भ के तीसरे माह तेजस्वी पुत्र प्राप्ति हेतु किया गया संस्कार),
3.    सीमोन्तोन्नयन (गर्भ के चौथे महीने गर्भिणी स्त्री के सुख और सांत्वना हेतु),
4.    जातकर्म (जन्म के समय)
5.    नामकरण
6.    निष्क्रमण (बच्चे का सर्वप्रथम घर से बाहर लाना),
7.    अन्नप्राशन (पांच महीने की आयु में सर्वप्रथम अन्न ग्रहण करवाना),
8.    चूड़ाकरण (मुंडन)
9.    कर्णछेदन
10.    उपनयन (यज्ञोपवीत धारण एवं गुरु आश्रम को प्रस्थान)
11.    केशान्त अथवा गौदान (दाढ़ी को सर्वप्रथम काटना)
12.    समावर्तन (शिक्षा समाप्त कर गृह को वापसी)
13.    विवाह
14.    वानप्रस्थ
15.    सन्न्यास
16.    अन्त्येष्टि

इस प्रकार हिन्दू धर्म की विविधता, जटिलता एवं बहु आयामी प्रवृत्ति स्पष्ट है। इसमें अनेक दार्शनिकों ने अलग-अलग प्रकार से ईश्वर एवं सत्य को समझने का प्रयास किया, फलस्वरूप अनेक दार्शनिक मतों का प्रादुर्भाव हुआ।