तीर्थ दर्शन

लेने में नहीं देने में है असीम आनंद

रास्ते में उन्होंने एक जगह पर देखा कि पुराने हो चुके एक जोड़ी जूते पड़े हैं।

04 Apr 11:40 AM

श्रीराम के 444 वें जन्मोत्सव की धूम

मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ओरछा में भगवान श्री राम के 444 वें जन्म उत्सव के साथ तीन दिवसीय कार्यक्रम कल से प्रारंभ हो गया।

28 Mar 11:50 AM

केवल हनुमान जी में था, इन कामों को करने का सामर्थ्य

धार्मिक ग्रथों के अनुसार भगवान श्रीराम की सहायता हेतु भगवान शिव वानर जाति में हनुमान के रूप में त्रेतायुग में अवतरित हुए थे।

28 Mar 11:15 AM

जैन महाकुंभ: जैन धर्म के पहले मोक्षगामी थे भगवान बाहुबली

बाहुबली जैन धर्म के लोगों के भगवान कहलाते हैं। कर्नाटक के श्रवणबेलगोला में इनकी 57 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित है, जो जैन धर्म के लोगों के लिए एक बड़ा तीर्थ स्थान माना जाता है।

22 Feb 10:35 AM

कान्हा की नगरी मथुरा-वृंदावन में कुछ इस तरह मनाई जाती है होली

2 मार्च को पूरे देश में होली का त्यौहार मनाया जाएगा। देश भर में होली का उत्सव बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। लेकिन कान्हा कि नगरी में बसंत पंचमी से ही होली का महोत्सव शुरू हो जाता है।

22 Feb 10:35 AM

हेमकुंट साहिब के कपाट 25 मई को खुलेंगे

सिखों की आस्था से जुड़े प्रसिद्ध तीर्थस्थल हेमकुंट साहिब के कपाट 25 मई की दोपहर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही इस वर्ष की हेमकुंट साहिब की यात्रा आरंभ हो जाएगी।

22 Feb 10:35 AM

शिव-पार्वती के निवास स्थान 'कैलाश मानसरोवर' की यात्रा का पंजीकरण शुरू

कैलाश पर्वत भारत में स्थित एक पर्वत श्रेणी है। यह हिमालय के केंद्र में है। कैलाश पर्वत वह पवित्र जगह है, जिसे शिव-पार्वती का धाम माना जाता है। इस पर्वत के पश्चिम तथा दक्षिण में मानसरोवर तथा रक्षातल झील हैं।

22 Feb 10:30 AM

यहां है संतोषी माता का वास्तविक व प्राचीन मंदिर

वैसे तो संतोषी मां के दुनिया में कई प्रचीन मंदिर है, जहां संतोषी मां विराजमान है। लेकिन मान्यता अनुसार राजस्थान के जोधपुर में संतोषी माता का एक बहुत ही विख्यात मंदिर है। इस मंदिर को संतोषी मां का वास्तविक मंदिर माना जाता है।

22 Feb 10:20 AM

रात में इस भव्य मंदिर का दिखता है अद्भुत नजारा

उत्तरी भारत में श्री दरबार साहिब अमृतसर को ही अभी तक भारत वर्ष का स्वर्ण मंदिर माना जाता था। यह सिख धर्मावलंबियों का पावनतम धार्मिक स्थल या सबसे प्रमुख गुरुद्वारा है। यह भारत के राज्य पंजाब के अमृतसर शहर में स्थित है और यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है। अब तक यह भारत का एकमात्र स्वर्ण मंदिर कहलाता था।

20 Feb 10:00 AM

ऐसा है भगवान बाहुबली का स्‍थान श्रवणबेलगोला

बाहुबली प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव के पुत्र थे। अपने बड़े भाई भरत चक्रवर्ती से युद्ध के बाद वह मुनि बन गए। उन्होंने एक वर्ष तक कायोत्सर्ग मुद्रा में ध्यान किया।

19 Feb 17:50 PM

रायपुर स्थित श्री महामाया देवी का मंदिर

माँ के इन छत्तीसगढ़ों में एक गढ़ है रायपुर का महामाया मंदिर, जहां महालक्ष्मी के रूप में दर्शन देती हैं माँ महामाया और सम्लेश्वरी देवी। माँ का दरबार सदियों से लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। तांत्रिक पद्धति से बने इस मंदिर में देश ही नहीं विदेशों से भी भक्त आते हैं। माता का यह मंदिर बेहद चमत्कारिक माना जाता है, यहां सच्चे मन से मांगी गई मन्नत तत्काल पूरी होती है।

06 Feb 11:30 AM

इस मंदिर में विश्राम करने आते हैं स्वयं भगवान विष्णु

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के समीप राजिम में भगवान विष्णु के चार रूपों को समर्पित भगवान राजीव लोचन के मंदिर में चारों धाम की यात्रा होती है। छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहे जाने वाले राजिम में चारों धाम समाए हुए हैं। त्रिवेणी संगम पर स्थित इस मंदिर के चारों कोनों में भगवान विष्णु के चारों रूप दिखाई देते हैं।

06 Feb 11:25 AM

कवर्धा के भोरमदेव मंदिर में करें शिवलिंग के दर्शन

भोरमदेव का मंदिर 7वीं से 10वीं सदी का है। मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इसका नाम गोंड राजा भोरमदेव के नाम पर पड़ा है। स्थानीय किस्सों के अनुसार इस मंदिर को राजा ने ही बनवाया था। मंदिर के गर्भगृह में एक मूर्ति है, जो मान्यता के अनुसार राजा भोरमदेव की है, हालांकि इसे सिद्ध करने के लिए कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है।

06 Feb 11:25 AM

कौशल्या का भारत में यही है एकमात्र मंदिर

छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम कोसल था। रामायण काल में छत्तीसगढ़ का अधिकांश भाग दण्डकारण्य क्षेत्र के अंतर्गत आता था। यह क्षेत्र उन दिनों दक्षिणापथ भी कहलाता था। यह रामवनगमन पथ के अंतर्गत है इस कारण श्रीरामचंद्र जी के यहां वनवास काल में आने की जनश्रुति मिलती है।

06 Feb 11:20 AM

मथुरा का नाम सुन ले तो श्रीकृष्ण के कथा श्रवण का फल मिलता है

यदि वह मथुरा का नाम सुन ले तो श्रीकृष्ण के कथा श्रवण का फल पाता है। मथुरा का स्पर्श प्राप्त करके मनुष्य साधु संतों के स्पर्श का फल पाता है। मथुरा में रहकर किसी भी गंध को ग्रहण करने वाला मानव भगवच्चरणों पर चढ़ी हुई तुलसी के पत्र की सुगंध लेने का फल प्राप्त करता है।

06 Feb 11:20 AM