किस्से और कहानी

भगवान विष्णु ने देवकी और वसुदेव के घर क्यों लिया कृष्णावतार ?

स्वायम्भुवमन्वन्तर में जब माता देवकी का पहला जन्म हुआ था, उस समय उनका नाम ‘पृश्नि’ तथा वसुदेव ‘सुतपा’ नामक प्रजापति थे। दोनों ने संतान प्राप्ति की अभिलाषा से सूखे पत्ते खाकर और कभी हवा पीकर देवताओं का बारह हजार वर्षों तक तप किया।

05 Jan 16:00 PM

राधा जन्म की कहानी : ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार मां के गर्भ से नहीं जन्मी थी राधा

धर्म ग्रंथों के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन व्रज में श्रीकृष्ण के प्रेयसी राधा का जन्म हुआ था। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, राधा भी श्रीकृष्ण की तरह ही अनादि और अजन्मी हैं, उनका जन्म माता के गर्भ से नहीं हुआ। इस पुराण में देवी राधा जन्म से जुड़ी एक अद्भुत कथा का उल्लेख मिलता है।

05 Jan 16:55 PM

मनुष्य का प्रारब्ध

मन्द प्रारब्ध मेरा नाम जपने से कट जाते है । तीव्र प्रारब्ध किसी सच्चे संत का संग करके श्रद्धा और विश्वास से मेरा नाम जपने पर कट जाते है । पर तीव्रतम प्रारब्ध भुगतने ही पडते है।

04 Jan 17:30 PM

देवशयनी एकादशी व्रत की कथा

एक बार देवर्षि नारद ने ब्रह्माजी से देवशयनी एकादशी का महत्व जानना चाहा। तब ब्रह्माजी ने उन्हें बताया कि सतयुग में मांधाता नामक एक चक्रवर्ती राजा थे।

03 Jul 11:35 AM

सुयोधन कैसे बना दुर्योधन

'दुर्योधन' या 'सुयोधन', जिसके इर्द-गिर्द ही अधर्म ने और उसके नेत्रहीन पिता ने अपनी विजय का ताना बाना बुना था, इस जयसंहिता का मुख्य पात्र था और दुर्योधन का अहंकार भाव ही इस युद्ध की कटु परिणति का मुख्य कारण था।

08 Jun 12:45 PM

शीतला माता की कहानी

यह कथा बहुत पुरानी है। एक बार शीतला माता ने सोचा कि चलो आज देखु कि धरती पर मेरी पूजा कौन करता है, कौन मुझे मानता है। यही सोचकर शीतला माता धरती पर राजस्थान के डुंगरी गाँव में आई और देखा कि इस गाँव में मेरा मंदिर भी नही है, ना मेरी पुजा है।

27 Mar 17:00 PM

कल करे सो आज कर....

एक फ़कीर नदी के किनारे बैठा था किसी ने पूछा बाबा क्या कर रहे हो? फ़कीर ने कहा इंतज़ार कर रहा हूँ की पूरी नदी बह जाएं तो फिर पार करूँ।उस व्यक्ति ने कहा कैसी बात करते हो बाबा पूरा जल बहने के इंतज़ार मे तो तुम कभी नदी पार ही नही कर पाओगे।

27 Mar 13:25 PM

आखिर क्यों हँसने लगा था मेघनाद का कटा हुआ सिर?

महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित हिंदू धर्मग्रंथ 'रामायण' में उल्लेख मिलता है कि रावण के बेटे का नाम मेघनाद था। उसका एक नाम इंद्रजीत भी था। दोनों नाम उसकी बहादुरी के लिए दिए गए थे। दरअसल मेघनाद, इंद्र पर जीत हासिल करने के बाद इंद्रजीत कहलाया। और मेघनाद, का मेघनाद नाम मेघों की आड़ में युद्ध करने के कारण पड़ा।

27 Mar 12:20 PM

पाप का गुरू कौन ?

एक पंडित जी कई वर्षों तक काशी में शास्त्रों का अध्ययन करने के बाद गांव लौटे। पूरे गांव में शोहरत हुई कि काशी से शिक्षित होकर आए हैं और धर्म से जुड़े किसी भी पहेली को सुलझा सकते हैं।

27 Mar 12:15 PM